Tuesday, October 19, 2021
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Desh Bhakti Shayari in Hindi (DEC 2021)

Desh Bhakti Shayari in Hindi (DEC 2021)

आजादी की कभी शाम ना होने देंगे, शहीदों की कुर्बानी बदनाम ना होने देंगे, बची है जो एक भी बूंद लहू की तब तक, भारत का आँचल नीलाम ना होने देंगे..!!

मैं भारत का शांति प्रिय सिपाही हूँ, किसी कुत्ते की मौत आयी है तो शांति भंग करके देखो..!!

सीने में ज़ुनू, ऑखों में देंशभक्ति की चमक रखता हुँ, दुश्मन की साँसें थम जाए, आवाज में वो धमक रखता हुँ..!!

लहू वतन के शहीदों का रंग लाया है, उछल रहा है जमाने मे नाम-ऐ-आजादी शहीदों को नमन..!!

लिख रहा हूँ मैं अंजाम, जिसका कल आगाज आएगा, मेरे लहू का हर एक कतरा इंकलाब लाएगा..!!

चैन ओ अमन का देश है मेरा, इस देश में दंगा रहने दो, लाल हरे में मत बांटो, इसे शान ए तिरंगा रहने दो..!!

मेरा मुल्क मेरा देश मेरा यह वतन, शांति का उन्नति का प्यार का चमन..!!

जिंदगी जब तुझको समझा, मौत फिर क्या चीज है ऐ वतन तू हीं बता, तुझसे बड़ी क्या चीज है..!!

शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पे मर मिटने वालों का बाकी यही निशां होगा..!!

इंडियन होने पर करिए गर्व, मिल के मनाएं लोकतंत्र का पर्व, देश के दुश्मनों को मिलके हराओ, घर घर पर तिरंगा लहराओ..!!

आन देश की शान देश की, देश की हम संतान हैं, तीन रंगों से रंगा तिरंगा, अपनी ये पहचान हैं..!!

जो अब तक ना खौला वो खून नही पानी हैं, जो देश के काम ना आये वो बेकार जवानी हैं..!!

अब दो ही बात होगी, मुहब्बत से पहले माँ, और माँ से पहले वतन की बात होगी..!!

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा, हम बुलबुले हैं इसकी ये गुलसिता हमारा..!!

जो व्यक्ति दिन और रात परमात्मा का ध्यान करता, उसके लिए मै स्वयं को बलिदान करता..!!

चाहता हूँ कोई नेक काम हो जाए, मेरी हर साँस इस देश के नाम हो जाए..!!

मिटा दिया है वजूद उनका जो भी इनसे भिड़ा है, देश की रक्षा का संकल्प लिए जो जवान सरहद पर खड़ा है..!!

दे सलामी इस तिरंगे को जिस से तेरी शान हैं, सर हमेशा ऊँचा रखना इसका जब तक दिल में जान हैं..!!

वतन की सर बुलंदी में, हमारा नाम हो शामिल, गुजरते रहना है हमको सदा ऐसे मुकामो से..!!

लड़ें वो बीर जवानों की तरह, ठंडा खून फ़ौलाद हुआ, मरते-मरते भी की मार गिराए, तभी तो देश आज़ाद हुआ..!!

भारत माता से गुजारिश कि तेरी भक्ति के सिवा कोई बंदगी न मिले! हर जनम मिले हिन्दुस्तान की पावन धरा पर या फिर कभी जिंदगी न मिले..!!

फरिस्ते सिर्फ आसमान में नहीं रहते हैं, जमीन ए हिंद पर उन्हें जवान कहते हैं..!!

अपनी आज़ादी को हम हरगिज़ मिटा सकते नहीं, सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं..!!

भारत का जो करना नमन छोड़ दे, कह दो वह मेरा वतन छोड़ दे, मजहब प्यारा है जिसे देश नहीं, वो इसकी मिट्टी में होना दफन छोड़ दे..!!

उन आँखों की दो बूंदों से सातों सागर हारे हैं, जब मेहँदी वाले हाथों ने मंगल-सूत्र उतारे हैं..!!

किसी बेवफा के लिए जान देने से अच्छा है, देश भकित में जान कुर्बान कर दो..!!

खून से खेलेंगे होली, अगर वतन मुश्किल में है सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है..!!

अनेकता में एकता ही इस देश की शान है इसीलिए मेरा भारत महान है..!!

दिल से मर कर भी ना निकलेगी वतन की उल्फ़त, मेरे मिट्टी से भी खुशबू-ए-वतन आएगी..!!

मझहब नही सीखाता आपस मे बैर रखना, हिन्दी हैं हम वतन है हिन्दोस्तान हमारा..!!

पगली तेरी याद तो बहुत आती है, मगर वतन की मोहब्बत में दम ज्यादा है..!!

सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में हैं, देखना हैं जोर कितना बाजू-ए-कातिल में हैं! वक्त आने दे बता देंगे तुझे ए आसमां, हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में हैं..!!

शम्मा-ए-वतन की लौ पर जब कुर्बान पतंगा हो, होठों पर गंगा हो और हाथों में तिरंगा हो..!!

जश्न आज़ादी का मुबारक हो देश वालो को, फंदे से मोहब्बत थी हम वतन के मतवालो को..!!

चलो चलते हैं मिलजुल कर वतन पर जान देते हैं, बहुत आसान है कमरे में वंदेमातरम कहना..!!

गुमनाम बहुत हैं आज भी वतन पर जान देने वाले, कुछ लोग वतन को कोस कर मशहूर हुए जा रहे हैं..!!

चढ गये जो हंसकर सूली, खाई जिन्होने सीने पर गोली, हम उनको प्रणाम करते हैं. जो मिट गये देश पर, हम उनको सलाम करते हैं..!!

वतन की खाक को चंदन समझकर सर पे रखतें है, कब्र में भी खाके वतन कफन पे रखते हैं..!!

आओ झुक कर सलाम करे उनको जिनके हिस्से मे ये मुकाम आता है, खुशनसीब है वो खून जो देश के काम आता है..!!

दिल से मर कर भी ना निकलेगी वतन की उल्फ़त, मेरे मिट्टी से भी खुशबू-ए-वतन आएगी..!!

हम आजादी तभी पाते हैं जब अपने जीवित रहने के अधिकार का पूरा मूल्य चुका देते हैं..!!

दिन रात गुरु कि पूजा करो, वही है जो हमें इस संसार के पालनहार परमपिता पमेश्वर के समीप पहुंचता है..!!

भूख, गरीबी, लाचारी को, इस धरती से आज मिटायें, भारत के भारतवासी को उसके सब अधिकार दिलायें, आओ सब मिलकर नये रूप में गणतंत्र मनायें..!!

मैं मुल्क की हिफाजत करूँगा, ये मुल्क मेरी जान है, इसकी रक्षा के लिए मेरा दिल और जां कुर्बान है..!!

चूमा था वीरों ने फांसी का फंदा, यूँ ही नहीं मिली थी आजादी खैरात में..!!

मैं भारत बरस का हरदम सम्मान करता हूँ, यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हुँ! मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की, तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ..!!

मुझे ना तन चाहिए ना धन चाहिए, बस अमन से भरा यह वतन चाहिए! जब तक जिन्दा रहूं इस मातृ-भूमि के लिए, और जब मरुँ तो तिरंगा कफ़न चाहिये..!!

न पूछो ज़माने को क्या हमारी कहानी है, हमारी पहचान तो सिर्फ ये है कि हम सिर्फ हिन्दुस्तानी हैं..!!

आज़ादी का जोश कभी कम ना होने देंगे, जब भी ज़रूरत पड़ेगी देश के लिए जान लुटा देंगे! क्योंकि भारत हमारा देश है, अब दोबारा इस पर कोई आंच ना आने देंगे..!!

वतन हमारा ऐसा कोई ना छोड पाये, रिश्ता हमारा ऐसा कोई न तोड़ पाये! दिल एक है जान एक है हमारी, हिन्दुस्तान हमारा है यह शान हैं हमारी..!!

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