Tuesday, October 19, 2021
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Dard Bhari Shayari in Hindi (DEC 2021)

Dard Bhari Shayari in Hindi (DEC 2021)

दाद देते है हम तुम्हारे नज़र अंदाज़ करने के हुनर को, जिस ने भी सिखाया है! वो उस्ताद कमाल का होगा.

आ गया जिस रोज़ दिल को समझें मुझे, आप की ये बेरूखी किस काम की रह जाएगी

दोस्त दोस्त नहीं खुदा होता है महसूस होता है जब वो जुदा होता है बिना दोस्त के जीना सजा होता है और दोस्त तुम जैसा हो तो जीवन में मज़ा होता है

बड़ी हसरत थी कोई हम्हे टूट कर चाहे, लेकिन हम ही टूट गए किसी को चाहते चाहते

जिस दिल में बसा था नाम तेरा हमने वो तोड़ दिया, न होने दिया तुझे बदनाम बस तेरे नाम लेना छोड़ दिया

मत पूछा करो रात भर जागने की वजह हटें, मोहब्बत मैं कुछ सवालों के जवाब नहीं होते

हम उम्मीदों की दुनियां बसाते रहे! वो भी पल पल हमें आजमाते रहे; जब मोहब्बत में मरने का वक्त आया! हम मर गए और वो मुस्कुराते रहे।

हमने भी एक ऐसे शख्स को चाहा जिसको भुला न सके और वो किस्मत मैं भी नहीं

नफरत करोगे तो भी आउंगा तेरे पास, देख तेरे बगैर रहने की आदत नहीं मुझे

होंटो की हकीकत को न सज्मः हकीहत, दिल मैं उतर के देख कितने टूटे है हम

हर भूल तेरी माफ़ की हर खता को तेरी भुला दिया गम है कि, मेरे प्यार का तूने बेवफा बनके सिला दिया

वो आज करती है नजर अंदाज तो बुरा ना मान, टूट कर चाहने वालो को रुलाना रिवाज है दुनिया वालो का

उसके न होने से कुछ नही बदला मुझ मे, बस जहाँ पहले दिल रहता था वहाँ अब सिर्फ दर्द रहता है

अँधेरा मिटा कर शहर छोड़ जाऊंगा, एक रोज़ फिर तेरा शहर छोड़ जाऊंगा

थोडा सा इंतज़ार ही कर लेते, मेरे दिन बुरे थे मैं नहीं

रह रह के मुझे इतना रुलाते क्यूँ हो, याद कर नही सकते तो याद आते क्यूँ हो

जो दिल में आए वो सब करना, बस एक गुजारिश है किसी से अधुरा प्यार मत करना

कौन कहता है नफ़रतों मैं दर्द होता है, कुछ मोहब्बत बड़ी कमाल की होती है

ख़ुशी तो तकदीर में होनी चाहिए, तस्वीरों में तो हर कोई खुश नज़र आता है

दुःख तब होता है जो वो इन्सान आप को इंग्नोर करे, जिसके लिए आप ने सबको इग्नोर किया

मुझे समझने का दौर कभी क्यूँ नही होता मुझसा मजबूर कभी तू क्यूँ नहीं होता, क्या फ़र्क़ है तेरी वफ़ा और मेरी वफ़ा में मुझे बेहिसाब हो तुझे दर्द क्यूँ नहीं होता

रोने की सज़ा न रुलाने की सज़ा है! ये दर्द मोहब्बत को निभाने की सज़ा है, हँसते हैं तो आँखों से निकल आते हैं! आँसू ये उस शख्स से दिल लगाने की सज़ा है।

कौन कहता है नफ़रतों मैं दर्द होता है, कुछ मोहब्बत बड़ी कमाल की होती है

ढूड ही लेता है मुझे किसी ना किसी भने से दर्द, वाकिफ हो गया है मेरे हर ठिकाने से

तेरी आरज़ू मेरा ख्वाब है जिसका रास्ता बहुत खराब है; मेरे ज़ख्म का अंदाज़ा न लगा दिल का हर पन्ना दर्द की किताब है।

बोलती है दोस्ती चुप रहता है प्यार हंसाती है दोस्ती रुलाता है प्यार, मिलाती है दोस्ती जुदा करता है प्यार फिर क्यों दोस्ती छोड़कर लोग करते है प्यार

हादसे इंसान के संग मसखरी करने लगे लफ्ज कागज पर उतर जादूगरी करने लगे, कामयाबी जिसने पाई उनके घर बस गए जिनके दिल टूटे वो आशिक शायरी करने लगे।

पता है तकलीफ क्या है किसी को चाहना, फिर उसे खो देना और खामूश हो जाना

और इतनी भी उदासी किस काम की, थोड़ा इश्क़ करलो वरना जिंदगी किस काम की

तुम्हारी अदा का क्या जवाब दूँ अपने दोस्त को क्या उपहार दूँ, कोई अच्छा सा फूल होता तो माली से मंगवाता जो खुद गुलाब है, उसको क्या गुलाब दूँ

हम इश्क़ के वो मुकाम पर खड़े है, जहाँ दिल किसी और को चाहे तो गुन्हा लगता है

बहुत आसाँ है इश्क़ में हार के खुदखुशी करलेना कितना मुश्किल है जीना, ये हमसे पूछ लेना

मरता नहीं कोई किसी के बगैर ये हकीकत है ज़िन्दगी, लेकिन सिर्फ सांस लेने को जीना तो नहीं कहते

कभी सोचा न था के वो मुझे तनहा कर जायेगा, जो अक्सर परेशां देख कर कहता था मैं होना

हम भी फूलों की तरह अक्सर तनह रहते है, कभी टूट जाते है तो कभी कोई तोड़ देता है

वो जिनको देख कर आँखों में आसूं जाते है, वहीं कुछ लोग ज़िन्दगी वीरान कर जाते है

अकेले ही गुजारनी पड़ती है ज़िन्दगी और तसलियाँ देते है जीना

तुमसे बात किये बिना ज़िन्दगी भर रह सकते है, लेकिन तुम्हे याद किये बिना एक पल भी नही

बेवफा तेरा मासुम चेहरा भुल जाने के काबिल नही है, मगर तु बहुत खुबसुरत पर दिल लगाने के काबिल नही

हम नहीं करते इश्क़ से इश्क़ तो हमारा पेशा है, वो इश्क़ ही गया जिस मैं यार बेवफा है

फिर नही बसते वो दिल जो एक बार उजड़ जाते है, जनाजे को कितना भी सवार लो उसमे रूह नही आती

ज़िन्दगी यु भी कम है मोहब्बत के लिए, यु रूठ के वक़्त गुजारने की ज़रूरत किया है

आंसू बहे तो एहसास होता है दोस्ती के बिना जीवन कितना उदास होता है, उम्र हो आपकी चाँद जितनी लंबी, आप जैसा दोस्त कहाँ हर किसी के पास होता है

हकीकत बयां करू तो मैं उसके इन्तजार में हूँ, पर क्या करू मैं नए रिश्तो की दीवार में हूँ

करने लगे जब शिकवा उससे उसकी बेवफाई का, रख कर होंट को होंट से खामोश कर दिया

कैसे करें बयाँ तुझसे दर्द की इन्तहा को अब्बास, अपनी ही निगाहों की नमी देख कर रो पड़े आज हम

गिरते हुए आंसुओं को कौन देखता है, झूठी मुश्कान के दीवाने है सब लोग

कौन करता है यहाँ प्यार निभाने के लिए, दिल तो एक खिलौना है जमाने के लिए

हम बने ही थे तबाह होने के लिए, तेरा छोड़ जाना तो महज़ इक बहाना था

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