Tuesday, December 7, 2021
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[50+] Nafrat Shayari in Hindi (NOV 2021) | नफरत शायरी

[50+] Nafrat Shayari in Hindi (NOV 2021) | नफरत शायरी

मेरी आवाज़ किसी शोर में गर डूब गई,
मेरी खामोशी बहुत दूर सुनाई देगी..!!

हम ख़ामोशी से देते हैं ख़ामोशी का जवाब,
कौन कहता हैं अब हम बात नहीं करते..!!

एक उम्र ग़ुज़ारी हैं हमने तुम्हारी ख़ामोशी पढते हुए,
एक उम्र गुज़ार देंगे तुम्हें महसूस करते हुए..!!

मेरी ख़ामोशी में सन्नाटा भी हैं और शोर भी हैं,
तूने गौर से नहीं देखा, इन आखों में कुछ और भी हैं..!!

इस ख़ामोशी को मेरी कमजोरी मत समझना,
कलम झटकता हु तो स्याही अब ही बहत दूर तक जाती हैं..!!

अब अल्फ़ाज नहीं बचे कहने को,
एक वो है, जो मेरी ख़ामोशी नहीं समझती..!!
Khamoshi Shayari Hindi

ख़ामोशी से धड़कन के सामान हैं,
जिसे तुम एहसास से ही समझ सकते हो..!!

हर जज़्बात कोरे कागज़ पर उतार दिया उसने,
वो खामोश भी रहा और सब कुछ कह गया..!!

तेरी खामोशी जला देती है इस दिल की तमन्नाओ को,
बाकी सारी बातें अच्छी हैं तेरी तश्वीर में..!!

लोग तो सो लेते हैं जमाने कि चाहेल पहेल में,
मुझे तो तेरी खामोशी सोने नहीं देती..!!

क्या करोगे मेरी ख़ामोशी की पीछे की दर्द को जानकार,
कही मेरे दर्द को जानकार तुम भी खामोश न हो जाओ..!!
Dard Khamoshi Shayari

चलो अब जाने भी दो क्या करोगे दास्तां सुनकर,
ख़ामोशी तुम समझोगे नही और बयां हमसे होगा नही..!!
Zindgi Khamoshi Par Shayari

खामोश बैठे हैं तो लोग कहते हैं उदासी अच्छी नहीं,
और ज़रा सा हंस लें तो लोग मुस्कुराने की वजह पूछ लेते हैं..!!

चुभता तो बहुत कुछ हैं मुझे भी तीर की तरह,
लेकिन खामोश रहता हूँ तेरी तस्वीर की तरह..!!

एक उम्र ग़ुज़ारी हैं हमने तुम्हारी ख़ामोशी पढते हुए,
एक उम्र गुज़ार देंगे तुम्हें महसूस करते हुए..!!

दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ,
राख के नीचे आग दबी होती है..!!
Shayari Khamoshi

हक़ीकत में खामोशी कभी भी चुप नहीं रहती है,
कभी तुम गौर से सुनना बहुत किस्से सुनाती है..!!

बड़े ही पक्के होते हैं सच्ची दोस्ती के रंग,
ज़िंदगी के धूप में भी उड़ा नहीं करते..!!

जब इंसान अन्दर से टूट जाता हैं,
तो अक्सर बहार से खामोश जो जाता हैं..!!
Shayari on Khamoshi

Shayari on Khamoshi

दर्द हद से ज्यादा हो तो आवाज छीन लेती है,
ऐ दोस्त कोई खामोशी बेवजह नहीं होती है..!!

अल्फाज बेहद खुबसूरत होते है,
पर खामोशी की तो बात ही अलग है..!!

खामोशी से बनाते रहिये पहचान अपनी,
हवाएँ ख़ुद गुनगुनाएगी नाम आपका..!!

इश्क की राहों में जिस दिल ने शोर मचा रखा था,
बेवफाई की गलियों से आज वो खामोश निकला..!!

चुभता तो बहुत कुछ हैं मुझे भी तीर की तरह,
लेकिन खामोश रहता हूँ तेरी तस्वीर की तरह..!!

शिकायते तो बहुत है उनसे मेरी पर क्या करू,
ये जो ख़ामोशी हैं मुझे कुछ कहने ही नहीं देती..!!

ख़ामोशी की तह में छुपा लीजिये उलझने,
क्योकि शोर कभी मुश्किल आसान नहीं करती..!!

कुछ कहा भी नहीं और सारी बात हो गयी,
उसकी ख़ामोशी ने ही सारी दास्तान कह सुनाई..!!

जब कोई बाहर से खामोश होता है,
तो उसके अंदर बहुत ज्यादा शोर होता हैं..!!

कभी ख़ामोशी बनते हैं कभी आवाज बनते है,
हर तन्हाई के साथी मेरे जज्बात बनते हैं..!!

मेरी खामोशियों पर भी उठ रहे थे सौ सवाल,
दो लफ्ज़ क्या बोले मुझे बेगैरत बना दिया..!!

मेरी खामोशियों में भी फसाना ढूंढ लेती है,
बड़ी शातिर है ये दुनिया बहाना ढूंढ लेती है,
हकीकत जिद किये बैठी है चकनाचूर करने को,
मगर हर आंख फिर सपना सुहाना ढूंढ लेती है..!!

जब भी उसकी याद आती हैं इस दिल मैं,
तभी ख़ामोशी सी छा जाती हैं इस दिल में..!!

मेरी खामोशी से किसी को कोई फर्क नही पड़ता,
और शिकायत में दो लफ़्ज कह दूं तो वो चुभ जाते हैं..!!

मेरी खामोशी से किसी को कोई फर्क नही पड़ता,
और शिकायत में दो लफ़्ज कह दूं तो वो चुभ जाते हैं..!!

मोहब्बत नही थी तो एक बार समझाया तो होता,
बेचारा दिल तुम्हारी ख़ामोशी को इश्क समझ बैठा..!!

जरूरी नहीं कि हर बात लफ़्ज़ों की गुलाम हो,
ख़ामोशी भी खुद में एक जुबान होती है..!!

एक तेरी खामोशी ही जला देती है इस पागल दिल को,
बाकी सब बाते अच्छी है तेरी तस्वीर में..!!

भीगी आँखों से मुस्कुराने का मजा और है,
हँसते हँसते पलके भिगोने का मजा और है,
बात कह के तो कोई भी समझ लेता है,
खामोशी को कोई समझे तो मजा और है..!!

ख़ामोशी बहुत कुछ कहती है,
कान लगाकर नहीं, दिल लगाकर सुनो..!!

ये दुनिया बड़ी जालिम हैं उसे आपको ख़ामोशी से क्या लेना,
इस दुनिया को तो बस आपकी दर्द से मजा लेने से हैं..!!

Khamoshi Shayari in Hindi

बातें किया कीजिए गलतफहमी दूर करने के लिए,
क्योंकि ख़ामोशी से उलझे रिश्ते सुलझा नहीं करते..!!

मेरे चुप रहने से नाराज ना हुआ करो,
गहरा समंदर हमेशा खामोश होता है..!!

खामोशियाँ यूं ही बेवजह नहीं होतीं,
कुछ दर्द भी आवाज़ छीन लिया करतें हैं..!!

क्यों करते हो मुझसे इतनी ख़ामोश मोहब्बत,
लोग समझते हैं इस बदनसीब का कोई नहीं..!!

सारी दुनिया के रूठ जाने से मुझे कोई फर्क नहीं,
बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है..!!

Khamoshi Par Shayari

गिला शिकवा ही कर डालो के कुछ वक़्त कट जाए,
लबो पे आपके यह खामोशी अच्छी नहीं लगती..!!

Dard Khamoshi Shayari Image

मोहब्बत नहीं थी तो एक बार समझाया तो होता,
नादान दिल तेरी खामोशी को इश्क समझ बैठा..!!

तड़प रहे है हम तुमसे एक अल्फाज के लिए,
तोड़ दो खामोशी हमें जिन्दा रखने के लिए..!!

जवाब पलट कर देने में क्या जोर जनाब,
असली ताकत तो खामोश रहने में लगती हैं..!!

जब कोई ख्याल दिल से टकराता है,
दिल न चाह कर भी खामोश रह जाता है,
कोई सब कुछ कह कर प्यार जताता है,
कोई कुछ न कहकर भी सब बोल जाता है..!!

Nafrat Wali Shayari

मेरे नाम से इतनी नफरत करते हैं वो,
नफरत के बहाने से ही सही मेरा नाम तो लेते हैं वो..!! Nafrat Shayari for Girlfriend

मोहब्बत सच्ची हो तो कभी नफरत नहीं होती हैं,
अगर नफरत होती हैं तो मोहब्बत सच्ची नहीं होती हैं..!!

नफरतें इश्क़ भी बड़ी की होती है उनसे,
उनसे नफरत दिखता है और दिल ही दिल में प्यार करता है उनसे..!!

सितम जुदाई का हंस कर सहेंगे,
तेरे बिना हम बोहोत खुश रहेंगे..!!

जरूरत है मुझे नये नफरत करने वालों की,
पुराने तो अब मुझे चाहने लगे है..!!

मोहब्बत के बदले नफरत मिले तो कोई गम नहीं,
क्योंकि मोहब्बत को पाने के लिए यहाँ लोग भी कम नहीं..!!

लेकर के मेरा नाम वो मुझे कोसता है,
नफरत ही सही पर वो मुझे सोचता तो है..!!

Nafrat Par Shayari

मैं फना हो गया अफसोस वो बदला भी नहीं,
मेरी चाहतें से भी सच्ची रही नफरत उसकी..!!

थे अजीज़ तुम अब जी नहीं भरता,
तुमसे बात करने का अब मन नहीं करता..!!

मोहब्बत करने से फुरसत नहीं मिली दोस्तो,
वरना हम करके बताते नफरत किसको कहते हैं..!!

एहसास बदल जाते हैं बस और कुछ नहीं,
वरना नफरत और मोहब्बत एक ही दिल में होती है..!!

कुछ इस अदा से निभाना है किरदार मेरा मुझको,
जिन्हें मुहब्बत ना हो मुझसे वो नफरत भी ना कर सके..!!

जरूरत है मुझे नये नफरत करने वालों की,
पुराने तो अब मुझे चाहने लगे है..!!

Nafrat Shayari in Hindi

बैठ कर सोचते हैं अब कि क्या खोया क्या पाया,
उनकी नफरत ने तोड़े बहुत मेरी वफ़ा के घर..!!

जब से पता चला है की नफरत ही हमारी जिन्दगी का अंजाम है,
तब से हम जिन्दगी को हथेली पर लिए घूमते हैं !!

चाह कर भी मुंह फेर नहीं पा रहे हो,
नफरत करते हो या इश्क़ निभा रहे हो..!! Mohabbat Nafrat Shayari

बैठ कर सोचते हैं अब कि क्या खोया क्या पाया,
उनकी नफरत ने तोड़े बहुत मेरी वफ़ा के घर..!!

मोहब्बत करने से फुरसत नहीं मिली यारो,
वरना हम करके बताते नफरत किसको कहते है..!!

तेरे निशाँ मिटाते चले जाएंगे,
अपने ज़ख्म पे मुस्कुराते चले जाएंगे..!! Khud se Nafrat Shayari

खुदा सलामत रखना उन्हें जो हमसे नफरत करते हैं,
प्यार न सही नफरत ही सही कुछ तो है जो वो हमसे करते हैं..!!

तुझे प्यार भी तेरी औकात से ज्यादा किया था,
अब बात नफरत की है तो नफरत ही सही..!!

वो नफरतें पाले रहे हम प्यार निभाते रहे,
लो ये जिंदगी भी कट गयी खाली हाथ सी..!!

तुम्हारी नफरत पर भी लुटा दी ज़िन्दगी हमने,
सोचो अगर तुम मुहब्बत करते तो हम क्या करते..!!

हमें बरबाद करना है तो हमसे प्यार करो,
नफरत करोगे तो खुद बरबाद हो जाओगे..!!

Nafrat Bhari Shayari

लेकर के मेरा नाम वो मुझे कोसता है,
नफरत ही सही पर वो मुझे सोचता तो है..!!

उसे नफरत से क्या डराओगे,
जिसे मोहब्बत से ज्यादा नफरत ही मिली हो..!! Nafrat Shayari for Boyfriend

मुझे शिकवा मेरे नफरत करने वालों से नहीं है,
शिकवा तो मुझे मुझसे झूठी मोहब्बत करने वालों से है..!!

उसकी बेवफ़ाई देख कर रहते हैं बेचैन,
उससे नफरत न कर बैठें इस बात से रहते हैं बेचैन..!!

हाँ हमे रंग बदलना नहीं आता,
लेकिन नफरत तो हम शौक़ से करते हैं..!!

मुझे पूरा समझने की चाह में,
लोग बीच में नफरत करने लगते हैं..!!

जब नफरत करते करते थक जाओ,
तब एक मौका प्यार को भी देना..!!

ज़माना वो भी था जब तुम ख़ास थे,
ज़माना ये भी है के तेरा ज़िक्र तक नहीं..!!

एक ही अर्ज है बनावटी प्यार न कर मुझसे,
इससे अच्छा तो नफरत कर मगर दिल से कर..!!

हमें बरबाद करना है तो हमसे प्यार करो,
नफरत करोगे तो खुद बरबाद हो जाओगे..!!

कुछ जुदा सा है मेरे महबूब का अंदाज,
नजर भी मुझ पर है और नफरत भी मुझसे ही..!!

वो नफरतें पाले रहे हम प्यार निभाते रहे,
लो ये जिंदगी भी कट गयी खाली हाथ सी..!!

जब नफरत की बात उठेगी तो सबसे पहला नाम हमारा आएगा,
क्योंकि नफरत करने में हमने रिकॉर्ड जो बना रखे हैं..!!

नफरत करनी हर किसी को नहीं आती,
ये तो बस प्यार में जख्मी लोगों का काम है..!!

देख कर उसको तेरा यूँ पलट जाना,
नफरत बता रही है तूने इश्क बेमिसाल किया था..!!

भुलाना ही था मुझको तो नफरत का सहारा क्यूँ,
डूबने देते मुझको यूँ ही दिखाया था किनारा क्यूँ..!!

तेरे नाम की सुबह मंज़ूर नहीं,
अब तो तेरे ज़िक्र से भी नफरत होने लगी..!!

मोहब्बत भी जबर्दस्त थी और नफरत भी जबर्दस्त है,
जो भी किया जबर्दस्त ही किया है..!!

अगर इतनी ही नफरत है हमसे तो दिल से कुछ ऐसी दुआ करो,
की आज ही तुम्हारी दुआ भी पूरी हो जाये और हमारी ज़िन्दगी भी..!!

न मोहब्बत संभाली गई, न नफरतें पाली गईं,
अफसोस है उस जिंदगी का, जो तेरे पीछे खाली गई..!!

ये ना सोचना के मैं टूट जाऊंगा,
तुझसे दूर रहूँगा, तो चाँद चुम आऊंगा..!!

हमें बरबाद करना है तो हमसे प्यार करो,
नफरत करोगे तो खुद बरबाद हो जाओगे..!!

नफ़रत हो जायेगी तुझे अपने ही किरदार से,
अगर मैं तेरे ही अंदाज में तुझसे बात करुं..!!

नफरत हो दिल में तो मिलने का मजा नहीं आता है,
वो आज भी मिलता हैं पर दिल कही और छोड़ आता हैं..!!

नफरतों के बाजार में प्यार बेचते है,
और कीमत में बस दुआ लेते है..!! Zindgi se Nafrat Shayari

है खबर अच्छी कि आजा मुंह तेरा मीठा करें,
नफरतें तेरी हुई हैं बा-खुशी दिल को कुबूल..!!

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