[50+] Nafrat Shayari in Hindi (DEC 2021) | नफरत शायरी

[50+] Nafrat Shayari in Hindi (DEC 2021) | नफरत शायरी

बिल्कुल चांद की तरह है,
नूर भी, गुरुर भी, दूर भी..!!

तेरा चेहरा कितना सुहाना लगता है,
तेरे आगे चांद पुराना लगता है..!!

सोचता हु हर कागज पे तेरी तारीफ करु,
फिर खयाल आया, कहीँ पढ़ने वाला भी तेरा दीवाना ना हो जाए..!!

जरा उतर के देख मेरे दिल की गहराइयों में,
कि तुझे भी मेरे जज़्बात का पता चले,
दिल करता है चाँद को खड़ा कर दूं तेरे आगे,
जरा उसे भी तो अपनी औकात का पता चले..!!

हुस्न वाले तेरा जवाब नहीं,
कोई तुझ-सा नहीं हज़ारों में..!!

वो मुझसे रोज़ कहती थी मुझे तुम चाँद ला कर दो,
उसे एक आईना दे कर अकेला छोड़ आया हूँ..!!

एक लाइन में क्या तेरी तारीफ़ लिखू,
पानी भी जो देखे तुझे तो प्यासा हो जाये..!!

तेरे हुस्न से हैरान है ज़माना सारा,
एक तेरी कातिल नज़र, उस पर काजल का कहर..!!

रुख से पर्दा हटा तो, हुस्न बेनकाब हो गया,
उनसे मिली नज़र तो, दिल बेकरार हो गया..!!

ये आईने क्या दे सकेंगे तुम्हें तुम्हारी शख्सियत की खबर,
कभी हमारी आँखो से आकर पूछो कितने लाजवाब हो तुम..!!

Tareef Shayari for Beautiful Girl in Hindi

ना चाहते हुए भी आ जाता हैं लबों पे तेरा नाम,
कभी तेरी तारीफ में तो कभी तेरी शिकायत में..!!

तेरे इशारों पर मैं नाचूं क्या जादू ये तुम्हारा है,
जब से तुमको देखा है दिल बेकाबू हमारा है,
जुल्फें तेरी बादल जैसी आँख में तेरे समंदर है,
चेहरा तेरा चाँद का टुकड़ा सारे जहाँ से प्यारा है..!!

मेरे हमदम तुम्हें बड़ी फुर्सत में बनाया है,
जुल्फें ये तुम्हारी बादल की याद दिला दें,
नज़र भर देख लो जो किसी को,
नेक दिल इंसान की भी नियत बिगड़ जाए..!!

उनकी तारीफ़ क्या पूछते हो उम्र सारी गुनाहों में गुजरी,
अब शरीफ बन रहे है वो ऐसे जैसे गंगा नहाये हुए है..!!

जो कागज पर लिख दू तारीफ तुम्हारी,
तो श्याही भी तेरे हुस्न की गुलाम हो जाये..!!

रोज़ मांगती थी मुझसे वो चाँद का टुकड़ा,
आज आइना दे कर उसे, पूरा चाँद दिखा दिया..!!

हुस्न देख कर आपका, हम आपके कायल हो गये,
पड़ते ही आपकी पहली नजर, हम घायल हो गये..!!

तेरी तारीफ मेरी शायरी में जब हो जाएगी,
चाँद की भी कदर कम हो जाएगी..!!

क्या लिखूं तेरी तारीफ-ए-सूरत में यार,
अलफ़ाज़ कम पड़ रहे हैं तेरी मासूमियत देखकर..!!

तुम्हे देख के ऐसा लगा चाँद को जमीन पर देख लिया,
तेरे हुस्न तेरे शबाब में सनम हमने कयामत को देख लिया..!!

तेरे हुस्न की तारीफ आज हवाए भी कर रही है,
ऐ सनम लगता है तूने आज हवाऔ को महकने की मोहलत दे दी..!!

तुझे पलकों पर बिठाने को जी चाहता है,
तेरी बाहों से लिपटने को जी चाहता है,
खूबसूरती की इंतेहा है तू,
तुझे ज़िन्दगी में बसाने को जी चाहता है..!!

तेरे हुस्न पर लिखूं में क्या तारीफ मेरी जान,
वो लफ्ज़ ही नहीं, जो तेरा हुस्न को बयां कर सकें..!!

लोग भले ही मेरी शायरी की तारीफ न करे,
खुशी दुगनी होती है जब उसे कॉपी पेस्ट में देखता हूं..!!

जिस भी कलाकार का शाहकार हो तुम,
उस ने सदियों तुम्हे सोचा होगा..!!

यूँ न निकला करो आज कल रात को,
चाँद छुप जायेगा देख कर आप को..!!

आज उसकी मासूमियत के कायल हो गए,
सिर्फ उसकी एक नजर से ही घायल हो गए..!!

Shayari On Beauty

ग़ुस्से में जो निखरा है, उस हुस्न की क्या बात,
कुछ देर अभी मुझसे तुम यूँ ही ख़फ़ा रहना..!!

Khubsurti Ki Tareef Shayari

कैद खाने हैं बिना सलाखों के,
कुछ यूं चर्चे हैं तेरी आँखों के..!!

देखकर सूरत तेरी, हजारों ने दिल हरा है,
कौन कहता है की, तस्वीरें जुआ नहीं खेलती..!!

मुझको मालूम नहीं हुस़्न की तारीफ,
मेरी नज़रों में हसीन वो है, जो तुम जैसा हो..!!

तेरी मोहब्बत में डूब कर बूँद से दरिया हो जाऊँ,
मैं तुझसे शुरू होकर तुझमें ख़त्म हो जाऊँ..!!

वो कहती हैँ हम उनकी झूठी तारीफ करते हैँ,
ए खुदा बस एक दिन आईने को जुबान दे दे..!!

डर लगता है अब आपकी तारीफ करने में,
कहीं पूंछ ना बैठो मै तेरा कौन लगता हूं..!!

इस सादगी पे कौन न मर जाए ऐ ख़ुदा,
लड़ते हैं और हाथ में तलवार भी नहीं..!!

सभी तारीफ करते हैं, मेरी शायरी की लेकिन,
कभी कोई सुनता नहीं, मेरे अल्फाज़ो की सिसकियाँ..!!

Tareef Shayari in Hindi

उसके चेहरे की चमक के सामने सब सादा लगा,
आसमान पे चाँद पूरा था, मगर आधा लगा..!!

हम पर यूँ बार बार इश्क का इल्जाम न लगाया कर,
कभी खुद से भी पूंछा है इतनी खूबसूरत क्यों हो..!!

यह आईने क्या दे सकेंगे तुम्हें,
तुम्हारी शख्सियत की खबर,
कभी हमारी आंखों से आकर,
पूछो कितने लाजवाब हो तुम..!!

क्या लिखूँ तेरी सूरत-ए-तारीफ मेँ , मेरे हमदम,
अल्फाज खत्म हो गये हैँ, तेरी अदाएँ देख-देख के..!!

आसमां में खलबली है सब यही पूछ रहे हैं,
कौन फिरता है ज़मीं पे चाँद सा चेहरा लिए..!!

हसीं तो और हैं लेकिन कोई कहाँ तुझ सा,
जो दिल जलाये बोहोत फिर भी दिल-रुबा ही लगे..!!

तेरे हुस्न को परदे कि जरुरत क्या है,
कौन रहता है होश में तुझे देखने के बाद..!!

अजब तेरी है ऐ महबूब सूरत,
नज़र से गिर गए सब ख़ूबसूरत..!!

मिल जाएँगे हमारी भी तारीफ़ करने वाले,
कोई हमारी मौत की “अफ़वाह” तो फैलाओ यारों..!!

कुछ फिजायें रंगीन हैं, कुछ आप हसीन हैं,
तारीफ करूँ या चुप रहूँ जुर्म दोनो संगीन हैं..!!

नहीं कहता मैं उसकी तारीफों के किस्से,
अब उन्हें आँकूं तो आँकूं किससे..!!

तारीफ़ अपने आप की, करना फ़िज़ूल है,
ख़ुशबू तो ख़ुद ही बता देती है, कौन सा फ़ूल है..!!

Tareef Shayari in Two Lines

उसने तारीफ़ ही कुछ इस अंदाज से की मेरी,
अपनी ही तस्वीर को सौ दफ़े देखा मैंने..!!

बस इस शौक़ में पूछी हैं लाखो बातें,
मैं तेरा हुस्न तेरे हुस्न-ए-बयाँ तक देखूँ..!!

परियों में खलबली है, सब एक दूसरे से यही पूछ रहे की,
कौन है ज़मीं पे, जो परियों से भी प्यारा है..!!

कदम वही रुक जाते है जहाँ कोई कहा दे,
कि रुक तो Chai बन रही है पी कर जा..!!

चाय दूसरी एसी चीज़ है, जिससे आंखें खुलती है,
धोखा अभी भी पहले नम्बर पर है..!!

छोड़ जमाने की फ़िक्र यार,
चल किसी नुक्क्ड़ पे चाय पीते है..!!

फिर भी ख्याल रखना अपना, मेरे चले जाने के बाद,
कौन चाय पिलायेगा तुझे यू हमसे बिछड़ने के बाद..!!

एक अजीम तोहफा है चाय भी,
सिर्फ ये बात चाय पीने वाले ही जानते है..!!

Chai Shayari in Hindi

चाय बनने से लेकर ग्लास में भरने तक का वक़्त
बड़ा ही बैचैनी से भरा होता है..!!

एक तेरा ख़्याल ही तो है मेरे पास,
वरना कौन अकेले में बैठे कर चाय पीता है..!!

सर्दियों के बस दो ही जलवे,
तुम्हारी याद और चाय..!!

कमबख़्त हसीन मौसम था, वो थी और थी चाय,
मोहब्बत लाज़मी थी, बचने का न था कोई उपाय..!!

उसे पसंद नही मेरा चाय से रिश्ता,
इसलिए अब चाय और मै छुप छुप के मिला करते है..!!

चाय के बाद दूसरा रंग तुम्हारा है,
जो मुझे साॅवला अच्छा लगता है..!!

चाय भी इश्क़ जैसी है,
जिसकी आदत पड गयी वो कभी छुटती ही नहीं..!!

क्या बताऊं उसकी बातें कितनी मीठी हैं,
सामने बैठ के फीकी चाय पीता रहता..!!

हाथ में चाय और यादों में आप हो,
फिर उस खुशनुमा सुबह की क्या बात हो..!!

चाय की चुस्कियों में यादों को डुबाया करो,
ये दुनिया की बातों को खामखां दिल से ना लगाया करो..!!

हाथ में चाय और यादों में आप हो,
फिर उस खुशनुमा सुबह की क्या बात हो..!!

जिसका हक है उसी का रहेगा,
मोहब्बत कोई चाय नहीं जो सब को पिला दें..!!

एक कप चाय के साथ, हाथों में तेरा हाथ हो,
मन में भोलेनाथ का नाम हो और आँखे खुलते ही सामने केदारनाथ हो..!!

ये चाय की आदत, तुम्हारा दूर जाना और एक ये तन्हाई कम्ब्ख्त,
जिन्दगी बर्बाद करने का काफी इंतेजाम है..!!

चाय सा इश्क किया है,
तुम लोगों से ना मिलो तो सर में दर्द सा रहता है..!!

चाय से हमेशा मोहब्बत थी, है और हमेशा रहेगी,
चाहे पूरी दुनिया कॉफी के लिए मर मिटे..!!

महंगाई ने आशिकों को मार रखा है,
ये चाय ही है, जिसने अभी तक संभाला हुआ है..!!

इश्क़ के धुएं से इश्क़ नही करना हमे,
कम्भख्त चाय बुरा मान जाएगी..!!

इश्क़ और सुबह की चाय दोनों एक समान होती हैं,
हर बार वही नयापन, हर बार वही ताज़गी..!!

Shayari on Chai

ना इश्क़, मोहब्ब्त और प्यार, और ना ही किसी का दीदार,
हमे तो पसन्द है अपने दोस्तों के साथ वो कुल्हड़ वाली चाय..!!

एक तेरा सांवला रंग और एक ये चाय
दोनों एक दिन मेरी जान लेकर रहेंगे..!!

दोबारा गर्म की हुई चाय और समझौता किया हुआ रिश्ता,
दोनों में पहले जैसी मिठास कभी नही आती..!!

ज़िन्दगी वही जीते है,
जो गर्मी में भी चाय पीते है..!!

गर्म चाय के साथ थोड़ा गम भी पीता हुँ,
थोडी मिठास कम है जिंदगी में मगर सान से जिता हू..!!

चाय और चरित्र जब भी गिरते है,
दाग दे ही जाते है..!!

वो चाय बहुत अच्छी बनाती है,
एक यही वजह काफी है उससे मोहब्बत करने के लिए..!!

बैठे चाय की प्याली लेकर पुराने किस्से गरम करने
चाय ठंङी होती गई और आंखें नम..!!

शोहरत, न तालियों का मुझे शोर चाहिए,
नुक्कड़ पे चाय मिल गयी क्या और चाहिए..!!

मैंने देखा ही नहीं कोई मौसम,
मैंने चाहा है तुम्हें चाय की तरह..!!

Chai Par Shayari

ज़िन्हे चाय से लगाव होता है,
उसके दिल में जरूर घाव होता हैं..!!

छोटी सी ही सही एक ऐसी मुलाकात हो,
हम तुम चाय और हल्की से बरसात हो..!!

Tea Shayari

नही आता हमे अपने दर्द का दिखावा करना,
अब तो अकेले चाय पीने की आदत सी हो गयी है..!!

ऐसी एक चाय, सबको नसीब हो,
हाथ में कप हो और, सामने मेहबूब हो..!!

कल रात मैने एक हसीन ख्वाब देखा,
खुद को चाय की टपरी पर तेरे साथ देखा..!!

हलके में मत लेना तुम सावले रंग को,
दूध से कहीं ज्यादा देखे है मैंने शौक़ीन चाय के..!!

तुम चाय जैसी मोहब्बत तो करो,
हम बिस्कुट की तरह ना डूब जाए तो कहना..!!

एक कप चाय दो दिलों को मिला देती है,
एक कप चाय दिन भर की थकान मिटा देती है..!!

उजड़ी हुई बस्तियों में किसे ढूंढ रहे हो जनाब,
प्यार में पागल लोग अक्सर चाय के ठिकाने पे मिला करते है..!!

हर रोज़ होता है मुझे इश्क़ तुमसे,
तुम मेरी सुबह की पहली चाय से हो गए हो..!!

लहजा जरा ठंडा रखे जनाब,
गर्म तो हमे सिर्फ चाय पसंद है..!!

बैठ जाता हूँ मैं अक्सर वहा,
चाय की खुशबु आ रही हो जहा..!!

मुझे तुमसे इश्क़ तो बोहत है,
मगर तुम्हारा ये चाय को पसंद ना करना हमे बिलकुल पसंद नही आता..!!

वो पल भी कोई पल है, जिस पल में तेरा एहसास न हो,
वो चाय फिर चाय कैसी जिसमें तेरे होंठो सी मिठास न हो..!!

कैसे कहे कोई नहीं है हमारा,
शाम की चाय रोज बेसब्री से इंतज़ार जो करती है..!!

सांवला है रंग, थोड़ा कड़क मिजाज है,
सुनो तुम पसंद हो हमे तुम्हारा चाय सा स्वाद है..!!

जब कोई बाहर से खामोश होता है,
तो उसके अंदर बहुत ज्यादा शोर होता हैं..!!

इस ख़ामोशी को मेरी कमजोरी मत समझना,
कलम झटकता हु तो स्याही अब ही बहत दूर तक जाती हैं..!!

इश्क की राहों में जिस दिल ने शोर मचा रखा था,
बेवफाई की गलियों से आज वो खामोश निकला..!!

एक उम्र ग़ुज़ारी हैं हमने तुम्हारी ख़ामोशी पढते हुए,
एक उम्र गुज़ार देंगे तुम्हें महसूस करते हुए..!!

मोहब्बत नहीं थी तो एक बार समझाया तो होता,
नादान दिल तेरी खामोशी को इश्क समझ बैठा..!!

बातें किया कीजिए गलतफहमी दूर करने के लिए,
क्योंकि ख़ामोशी से उलझे रिश्ते सुलझा नहीं करते..!!

बड़े ही पक्के होते हैं सच्ची दोस्ती के रंग,
ज़िंदगी के धूप में भी उड़ा नहीं करते..!!

तेरी खामोशी जला देती है इस दिल की तमन्नाओ को,
बाकी सारी बातें अच्छी हैं तेरी तश्वीर में..!!

चुभता तो बहुत कुछ हैं मुझे भी तीर की तरह,
लेकिन खामोश रहता हूँ तेरी तस्वीर की तरह..!!

लोग तो सो लेते हैं जमाने कि चाहेल पहेल में,
मुझे तो तेरी खामोशी सोने नहीं देती..!!

दर्द हद से ज्यादा हो तो आवाज छीन लेती है,
ऐ दोस्त कोई खामोशी बेवजह नहीं होती है..!!

मेरी खामोशी से किसी को कोई फर्क नही पड़ता,
और शिकायत में दो लफ़्ज कह दूं तो वो चुभ जाते हैं..!!

मेरे चुप रहने से नाराज ना हुआ करो,
गहरा समंदर हमेशा खामोश होता है..!!

एक उम्र ग़ुज़ारी हैं हमने तुम्हारी ख़ामोशी पढते हुए,
एक उम्र गुज़ार देंगे तुम्हें महसूस करते हुए..!!

कुछ कहा भी नहीं और सारी बात हो गयी,
उसकी ख़ामोशी ने ही सारी दास्तान कह सुनाई..!!

गिला शिकवा ही कर डालो के कुछ वक़्त कट जाए,
लबो पे आपके यह खामोशी अच्छी नहीं लगती..!!

मेरी खामोशी से किसी को कोई फर्क नही पड़ता,
और शिकायत में दो लफ़्ज कह दूं तो वो चुभ जाते हैं..!!

शिकायते तो बहुत है उनसे मेरी पर क्या करू,
ये जो ख़ामोशी हैं मुझे कुछ कहने ही नहीं देती..!!

Dard Khamoshi Shayari Image

खामोशी से बनाते रहिये पहचान अपनी,
हवाएँ ख़ुद गुनगुनाएगी नाम आपका..!!

ख़ामोशी से धड़कन के सामान हैं,
जिसे तुम एहसास से ही समझ सकते हो..!!

जवाब पलट कर देने में क्या जोर जनाब,
असली ताकत तो खामोश रहने में लगती हैं..!!

तड़प रहे है हम तुमसे एक अल्फाज के लिए,
तोड़ दो खामोशी हमें जिन्दा रखने के लिए..!!

जरूरी नहीं कि हर बात लफ़्ज़ों की गुलाम हो,
ख़ामोशी भी खुद में एक जुबान होती है..!!

जब कोई ख्याल दिल से टकराता है,
दिल न चाह कर भी खामोश रह जाता है,
कोई सब कुछ कह कर प्यार जताता है,
कोई कुछ न कहकर भी सब बोल जाता है..!!

एक तेरी खामोशी ही जला देती है इस पागल दिल को,
बाकी सब बाते अच्छी है तेरी तस्वीर में..!!

खामोशियाँ यूं ही बेवजह नहीं होतीं,
कुछ दर्द भी आवाज़ छीन लिया करतें हैं..!!

मेरी खामोशियों पर भी उठ रहे थे सौ सवाल,
दो लफ्ज़ क्या बोले मुझे बेगैरत बना दिया..!!

मोहब्बत नही थी तो एक बार समझाया तो होता,
बेचारा दिल तुम्हारी ख़ामोशी को इश्क समझ बैठा..!!

क्यों करते हो मुझसे इतनी ख़ामोश मोहब्बत,
लोग समझते हैं इस बदनसीब का कोई नहीं..!!

कभी ख़ामोशी बनते हैं कभी आवाज बनते है,
हर तन्हाई के साथी मेरे जज्बात बनते हैं..!!

सारी दुनिया के रूठ जाने से मुझे कोई फर्क नहीं,
बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है..!!

भीगी आँखों से मुस्कुराने का मजा और है,
हँसते हँसते पलके भिगोने का मजा और है,
बात कह के तो कोई भी समझ लेता है,
खामोशी को कोई समझे तो मजा और है..!!

हम ख़ामोशी से देते हैं ख़ामोशी का जवाब,
कौन कहता हैं अब हम बात नहीं करते..!!

जब इंसान अन्दर से टूट जाता हैं,
तो अक्सर बहार से खामोश जो जाता हैं..!!
Shayari on Khamoshi

मेरी ख़ामोशी में सन्नाटा भी हैं और शोर भी हैं,
तूने गौर से नहीं देखा, इन आखों में कुछ और भी हैं..!!

हक़ीकत में खामोशी कभी भी चुप नहीं रहती है,
कभी तुम गौर से सुनना बहुत किस्से सुनाती है..!!

जब भी उसकी याद आती हैं इस दिल मैं,
तभी ख़ामोशी सी छा जाती हैं इस दिल में..!!

मेरी आवाज़ किसी शोर में गर डूब गई,
मेरी खामोशी बहुत दूर सुनाई देगी..!!

ख़ामोशी बहुत कुछ कहती है,
कान लगाकर नहीं, दिल लगाकर सुनो..!!

दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ,
राख के नीचे आग दबी होती है..!!
Shayari Khamoshi

चुभता तो बहुत कुछ हैं मुझे भी तीर की तरह,
लेकिन खामोश रहता हूँ तेरी तस्वीर की तरह..!!

Khamoshi Par Shayari

चलो अब जाने भी दो क्या करोगे दास्तां सुनकर,
ख़ामोशी तुम समझोगे नही और बयां हमसे होगा नही..!!
Zindgi Khamoshi Par Shayari

ख़ामोशी की तह में छुपा लीजिये उलझने,
क्योकि शोर कभी मुश्किल आसान नहीं करती..!!

अल्फाज बेहद खुबसूरत होते है,
पर खामोशी की तो बात ही अलग है..!!

खामोश बैठे हैं तो लोग कहते हैं उदासी अच्छी नहीं,
और ज़रा सा हंस लें तो लोग मुस्कुराने की वजह पूछ लेते हैं..!!

अब अल्फ़ाज नहीं बचे कहने को,
एक वो है, जो मेरी ख़ामोशी नहीं समझती..!!
Khamoshi Shayari Hindi

Shayari on Khamoshi

ये दुनिया बड़ी जालिम हैं उसे आपको ख़ामोशी से क्या लेना,
इस दुनिया को तो बस आपकी दर्द से मजा लेने से हैं..!!

क्या करोगे मेरी ख़ामोशी की पीछे की दर्द को जानकार,
कही मेरे दर्द को जानकार तुम भी खामोश न हो जाओ..!!
Dard Khamoshi Shayari

मेरी खामोशियों में भी फसाना ढूंढ लेती है,
बड़ी शातिर है ये दुनिया बहाना ढूंढ लेती है,
हकीकत जिद किये बैठी है चकनाचूर करने को,
मगर हर आंख फिर सपना सुहाना ढूंढ लेती है..!!

हर जज़्बात कोरे कागज़ पर उतार दिया उसने,
वो खामोश भी रहा और सब कुछ कह गया..!!

Khamoshi Shayari in Hindi

मुझे पूरा समझने की चाह में,
लोग बीच में नफरत करने लगते हैं..!!

मेरे नाम से इतनी नफरत करते हैं वो,
नफरत के बहाने से ही सही मेरा नाम तो लेते हैं वो..!! Nafrat Shayari for Girlfriend

Nafrat Bhari Shayari

एहसास बदल जाते हैं बस और कुछ नहीं,
वरना नफरत और मोहब्बत एक ही दिल में होती है..!!

जब से पता चला है की नफरत ही हमारी जिन्दगी का अंजाम है,
तब से हम जिन्दगी को हथेली पर लिए घूमते हैं !!

ये ना सोचना के मैं टूट जाऊंगा,
तुझसे दूर रहूँगा, तो चाँद चुम आऊंगा..!!

तेरे निशाँ मिटाते चले जाएंगे,
अपने ज़ख्म पे मुस्कुराते चले जाएंगे..!! Khud se Nafrat Shayari

कुछ जुदा सा है मेरे महबूब का अंदाज,
नजर भी मुझ पर है और नफरत भी मुझसे ही..!!

एक ही अर्ज है बनावटी प्यार न कर मुझसे,
इससे अच्छा तो नफरत कर मगर दिल से कर..!!

हमें बरबाद करना है तो हमसे प्यार करो,
नफरत करोगे तो खुद बरबाद हो जाओगे..!!

अगर इतनी ही नफरत है हमसे तो दिल से कुछ ऐसी दुआ करो,
की आज ही तुम्हारी दुआ भी पूरी हो जाये और हमारी ज़िन्दगी भी..!!

Nafrat Par Shayari

नफरत करनी हर किसी को नहीं आती,
ये तो बस प्यार में जख्मी लोगों का काम है..!!

लेकर के मेरा नाम वो मुझे कोसता है,
नफरत ही सही पर वो मुझे सोचता तो है..!!

भुलाना ही था मुझको तो नफरत का सहारा क्यूँ,
डूबने देते मुझको यूँ ही दिखाया था किनारा क्यूँ..!!

नफरत हो दिल में तो मिलने का मजा नहीं आता है,
वो आज भी मिलता हैं पर दिल कही और छोड़ आता हैं..!!

उसकी बेवफ़ाई देख कर रहते हैं बेचैन,
उससे नफरत न कर बैठें इस बात से रहते हैं बेचैन..!!

बैठ कर सोचते हैं अब कि क्या खोया क्या पाया,
उनकी नफरत ने तोड़े बहुत मेरी वफ़ा के घर..!!

खुदा सलामत रखना उन्हें जो हमसे नफरत करते हैं,
प्यार न सही नफरत ही सही कुछ तो है जो वो हमसे करते हैं..!!

जब नफरत करते करते थक जाओ,
तब एक मौका प्यार को भी देना..!!

Nafrat Shayari in Hindi

तुम्हारी नफरत पर भी लुटा दी ज़िन्दगी हमने,
सोचो अगर तुम मुहब्बत करते तो हम क्या करते..!!

मोहब्बत करने से फुरसत नहीं मिली यारो,
वरना हम करके बताते नफरत किसको कहते है..!!

मोहब्बत भी जबर्दस्त थी और नफरत भी जबर्दस्त है,
जो भी किया जबर्दस्त ही किया है..!!

तेरे नाम की सुबह मंज़ूर नहीं,
अब तो तेरे ज़िक्र से भी नफरत होने लगी..!!

बैठ कर सोचते हैं अब कि क्या खोया क्या पाया,
उनकी नफरत ने तोड़े बहुत मेरी वफ़ा के घर..!!

मोहब्बत के बदले नफरत मिले तो कोई गम नहीं,
क्योंकि मोहब्बत को पाने के लिए यहाँ लोग भी कम नहीं..!!

नफ़रत हो जायेगी तुझे अपने ही किरदार से,
अगर मैं तेरे ही अंदाज में तुझसे बात करुं..!!

मोहब्बत सच्ची हो तो कभी नफरत नहीं होती हैं,
अगर नफरत होती हैं तो मोहब्बत सच्ची नहीं होती हैं..!!

जरूरत है मुझे नये नफरत करने वालों की,
पुराने तो अब मुझे चाहने लगे है..!!

सितम जुदाई का हंस कर सहेंगे,
तेरे बिना हम बोहोत खुश रहेंगे..!!

कुछ इस अदा से निभाना है किरदार मेरा मुझको,
जिन्हें मुहब्बत ना हो मुझसे वो नफरत भी ना कर सके..!!

थे अजीज़ तुम अब जी नहीं भरता,
तुमसे बात करने का अब मन नहीं करता..!!

वो नफरतें पाले रहे हम प्यार निभाते रहे,
लो ये जिंदगी भी कट गयी खाली हाथ सी..!!

हाँ हमे रंग बदलना नहीं आता,
लेकिन नफरत तो हम शौक़ से करते हैं..!!

Nafrat Wali Shayari

मोहब्बत करने से फुरसत नहीं मिली दोस्तो,
वरना हम करके बताते नफरत किसको कहते हैं..!!

चाह कर भी मुंह फेर नहीं पा रहे हो,
नफरत करते हो या इश्क़ निभा रहे हो..!! Mohabbat Nafrat Shayari

देख कर उसको तेरा यूँ पलट जाना,
नफरत बता रही है तूने इश्क बेमिसाल किया था..!!

लेकर के मेरा नाम वो मुझे कोसता है,
नफरत ही सही पर वो मुझे सोचता तो है..!!

है खबर अच्छी कि आजा मुंह तेरा मीठा करें,
नफरतें तेरी हुई हैं बा-खुशी दिल को कुबूल..!!

उसे नफरत से क्या डराओगे,
जिसे मोहब्बत से ज्यादा नफरत ही मिली हो..!! Nafrat Shayari for Boyfriend

ज़माना वो भी था जब तुम ख़ास थे,
ज़माना ये भी है के तेरा ज़िक्र तक नहीं..!!

न मोहब्बत संभाली गई, न नफरतें पाली गईं,
अफसोस है उस जिंदगी का, जो तेरे पीछे खाली गई..!!

जब नफरत की बात उठेगी तो सबसे पहला नाम हमारा आएगा,
क्योंकि नफरत करने में हमने रिकॉर्ड जो बना रखे हैं..!!

जरूरत है मुझे नये नफरत करने वालों की,
पुराने तो अब मुझे चाहने लगे है..!!

नफरतों के बाजार में प्यार बेचते है,
और कीमत में बस दुआ लेते है..!! Zindgi se Nafrat Shayari

मुझे शिकवा मेरे नफरत करने वालों से नहीं है,
शिकवा तो मुझे मुझसे झूठी मोहब्बत करने वालों से है..!!

हमें बरबाद करना है तो हमसे प्यार करो,
नफरत करोगे तो खुद बरबाद हो जाओगे..!!

नफरतें इश्क़ भी बड़ी की होती है उनसे,
उनसे नफरत दिखता है और दिल ही दिल में प्यार करता है उनसे..!!

तुझे प्यार भी तेरी औकात से ज्यादा किया था,
अब बात नफरत की है तो नफरत ही सही..!!

हमें बरबाद करना है तो हमसे प्यार करो,
नफरत करोगे तो खुद बरबाद हो जाओगे..!!

मैं फना हो गया अफसोस वो बदला भी नहीं,
मेरी चाहतें से भी सच्ची रही नफरत उसकी..!!

वो नफरतें पाले रहे हम प्यार निभाते रहे,
लो ये जिंदगी भी कट गयी खाली हाथ सी..!!

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